Friday, June 24, 2016

गगनमें उड़ता तिरंगा देखिये .

धर्मकी बातें नहीं करना सनम
तुरत हो जाएगा दंगा देखिये

राजनीति के हमीं तो केंद्र हैं
नहीं लेना हमसे पंगा देखिये

पिट गये जो पीटने आये हमें 
ये अजब गौरखधंधा देखिये

बात स्वार्थ की करो तो ठीक है
आदमी होता चौरंगा देखिये

बहती गंगा में नहाते सब मिले
आदमी को अलख नंगा देखिये

बहुर दिन फिरने लगेगें आपके
देश होता भला चंगा देखिये .

बकरियों सा मिमयाना छोड़दे
संघके संग नरासिंघा देखिये .

सप्तरंगी ये धरा सजने लगी -
गगनमें उड़ता तिरंगा देखिये .

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