Wednesday, October 26, 2016

चलो हर हाल में जिया जाए

कामयाब यूँ कोई तदबीर नहीं
कोई बतलाये क्या किया जाए .

हादसों से भरा हुआ जीवन
चलो हर हाल में जिया जाए .


बड़ी मुश्किल से घाव भरते हैं
जख्म अब दिलपे न लिया जाए .

जो मयस्सर नहीं लिबास नए
फटा पैबंद फिरसे सी लिया जाये

कौन सी मौत यहाँ  सस्ती है
ख़ुशी से क्यों न जी लिया जाए

इस से पहले की बत्तियां गुल हों
बिल बिजली का भर दिया जाए

जब कोई दूसरी नहीं मिलती
इश्क बेगम से कर लिया जाए .

Wednesday, October 19, 2016

मुस्कुराना है जरुरी

शेर हो क्या इस तरहसे घास खाना है जरुरी
डांटने के बाद यारा - मुस्कुराना है जरुरी .
जिन्दगी में दुश्मनों से खार खाना है जरुरी
दूरियां चाहे बहूत पर - पास आना है जरुरी .

फरशे संगमरमर पर फिसलते ख्वाब जिनके
खुरदरी कच्ची जमीं उनको दिखाना है जरुरी .
जो लदे हो भार से तो - हिनहिनाना है जरुरी
उनकी हर नादानियों पर मुस्कुराना है जरुरी .

पी नजर से हो भले पर लडखडाना है जरुरी .
बारिशें थमती नही छतरी का लाना है जरुरी .
उफनती बहती नदी पर पुल बनाना है जरुरी .
भूल जाओ एक दिन पर याद आना है जरुरी .